शुक्रवार, 6 मार्च 2009

कैसे बनाएं फर्ज़ी बॉयोडेटा ?

बरसों से ये बात विवाद का विषय रही है कि आखिर बॉयोडेटा बनाते वक़्त किस अनुपात में झूठ का इस्तेमाल किया जाये ? विवाद इस बात पर नहीं है कि झूठ का इस्तेमाल किया जाये या नहीं, विवाद अनुपात पर है।
बहरहाल, इसमें भी दो स्थितियां है। पहली ये कि अगर आपकी सारी ज़िदंगी पढ़ते हुए चश्मे का नम्बर बढ़वाते गुज़री है तो हो सकता है इस सवाल का सामना न करना पड़े। लेकिन अगर कुंजिया ही पास करवाती रही है तो ज़ाहिर तौर पर आपकी माकर्शीट दिखाने लायक कम और छिपाने लायक ज़्यादा होगी। ऐसे में बॉयोडेटा बनाते वक्त आपके सामने ये चुनौती है कि शर्मनाक नम्बरों के बावजूद कैसे आप खुद को काबिल दिखाये ?
अगर आप अभी कॉलेज से निकले हैं और बॉयोडेटा में इस सवाल का सामना कर रहे हैं कि आपका करियर ऑबजैक्टिव क्या है, तो हो सकता है कि ये सवाल आपको रूला डाले। आपको खुद पर शर्म आने लगे। अरे! ये क्या बला है। कॉलेज में फिल्में देखते वक़्त और लड़कियों को पटाने की सम्भावना पर विचार करने के बीच कभी सोचा ही नहीं कि सृष्टि में ऐसा सवाल भी है जो आपसे पूछे.. बता भाई.... तेरी ज़िंदगी का मक़सद क्या है ? अब तक जिस तरह की खुशियों की कामना में दिन गुज़ारते रहे हैं, अगर उसे ही करियर ऑबजैक्टिव में लिख दें तो हो सकता है नौकरी देने वाला आदमी जेल में डाल दें। लुच्चा कहीं का!
खैर, यही वक्त है कि जब आप अपने सीमित कम्पयूटर ज्ञान का इस्तेमाल कर कट, कॉपी, पेस्ट करें और नैट पर सर्फ करते हुए किसी और के बॉयोडेटा से करियर ऑबजैक्टिव टीप लें। वैसे भी इस टीपनें शब्द से तो आपकी पुरानी जान-पहचान है। लिहाज़ा ज़्यादा दिक़्कत नहीं आयेगी। लेकिन इसे फाइनल करने से पहले अपने किसी पढ़े लिखे दोस्त से (अगर कोई हो तो) ये कन्फर्म करवा लें कि उसका मतलब क्या है ?
इसके बाद आता प्रोफैशनल एक्सपीरियंस। अगर आप कुछ काम कर चुके हैं तो आपको इसे भी भरना पड़ेगा। अगर काम का ज़्यादा अनुभव नहीं है तो बेझिझक आप अपने एक्सपीरियंस को तीन से गुणा कर सकते हैं। मसलन 6 महीने हैं तो आप डेढ़ साल लिख सकते हैं। साल हुआ है तो तीन साल, और डेढ़ साल हुआ है तो पांच साल भी लिखा जा सकता है। मगर जिन लोगों के पास सचमुच ज़्यादा एक्सपीरियंस है वो इस ऑपशन को ट्राई न करें। कई बार ऐसा करने से आपका टोटल एक्सपीरियंस आपकी उम्र से भी ज़्यादा हो जाता है! लिहाज़ा ध्यान रखें। कई और फालतू बातों के अलावा आपको अपनी ताकत और कमज़ोरी भी बतानी होती है। ताकत आप कुछ भी बता सकते हैं मगर कमज़ोरी ऐसी लिखें जो आपकी ताकत ही लगे। मसलन, मुझे लगता है कि मैं बहुत भावुक इंसान हूं।
तमाम प्रपंचों के अलावा अपना एक अच्छा सा फोटो भी बॉयोडेटा के साथ लगा दें। लेकिन वो इतना अच्छा भी न हो कि इंटरव्यू लेने वाला पूछ बैठे.... आपने यहां आपने छोटे भाई की फोटों क्यों लगा दी है ?

10 टिप्‍पणियां:

अंशुमाली रस्तोगी ने कहा…

आपकी बातों पर गौर करूंगा।

Mired Mirage ने कहा…

आज ही बनाती हूँ। कहाँ से टीपूँ, जरा वह भी बता दें।
घुघूती बासूती

कुश ने कहा…

सही है नीरज भाई.. बराबर नब्ज़ पकड़ी है आपने..

डॉ .अनुराग ने कहा…

हाय पहले बताते .अब थोडा लेट हो गए

विष्णु बैरागी ने कहा…

एक साथ इतने गुर? शुक्रिया। आपको पता नहीं होगा कि आपने अनायास ही बता दिया है कि बायोडाटा बनाते समय क्‍या-क्‍या नहीं करें।
अच्‍छी प्रस्‍तुति। रोचकता के सा‍थ नेक परामर्श।

Udan Tashtari ने कहा…

ह कुँजी वाले रहे..मगर आप अब तक कहाँ थे??? प्रभु!!!

Udan Tashtari ने कहा…

जरा अपना मोबईल ईमल करो!!

neeshoo ने कहा…

बढ़िया बात जरूरत पर आप काम आयेंगे ।

अनिल कान्त : ने कहा…

सही है .....कईयों के काम आएगा

प्रशांत मलिक ने कहा…

badhiya hai ji...